
तिलकुट की सोंधी खुशबू से महका खगौल, गया के बेहतरीन कारीगरों द्वारा तैयार किया जा रहा है बहुत ही स्वादिष्ट खास्ता तिलकुट
खगौल। मकर संक्रांति नजदीक आते ही ठंड में भी तिलकुट का बाजार गर्म है। गया के मशहूर कारीगरों के द्वारा यहां पर तिलकुट तैयार किया जा रहा है। इन दिनों खगौल के बाजार में तिलकुट की सोंधी खुशबू से पूरा वातावरण महक उठा है। खगौल के घिरनी मोड़ पर स्थित साहेब शाही तिलकुट भंडार समेत अन्य दुकानों पर दिन भर ग्राहकों से दुकान की रौनक देखते ही बन रही है। दरअसल मकर सक्रांति पर चूड़ा-दही के साथ तिल खाने की पुरानी परंपरा रही है। ऐसे में लगभग हर हिन्दु परिवार के यहां सक्रांति को ले तिलकुट की खरीदारी निश्चित रूप से की जाती है। साहेब शाही तिलकुट भंडार के मालिक मो.शाहनवाज उर्फ मो.रिंकू बताते हैं कि मेरे यहां गया के प्रसिद्ध कारीगरों के द्वारा पिछले कई वर्षों से बहुत ही स्वादिष्ट खास्ता तिलकुट बनाया जाता है। उन्होंने बताया कि यहां पर तिलकुट की थोक व खुदरा बिक्री की जाती है। ₹200 से लेकर ₹300 तक तिलकुट का मूल्य तय है। तिलकुट के अलावा तिलवा, बादाम पट्टी,मस्का समेत तिल के अन्य व्यंजन बनाया जा रहा है। मो.रिंकू अपने दुकान के तिलकूट को बनाने के लिए कारीगरों को गया से एक महीना पहले ही अपने कारखाने में बुला कर तिलकूट बनाने का काम शुरू कर देते हैं ताकि समय पर तिलकूट तैयार हो सके। कारीगरों के रहने खाने की सारी व्यवस्था दुकान मालिक करते हैं ताकि कारीगर अधिक से अधिक समय दुकान पर दे सकें। इनके यहां प्रतिदिन एक से दो क्विंटल तिलकुट कुटा जाता है। इनके यहां का तिलकुट खगौल से बाहर भी जाता है। यहां खगौल और बाहर के व्यापारी आते हैं और थोक भाव में तिलकुट ले जाकर अपने यहां बेचते है