
दरभंगा राज की आखरी महारानी अधिरानी कामसुंदरी देवी साहिबा जी अब हमारे बीच नहीं रहीं 96 साल के उम्र आखरी साँस ली समर्थ नारी समर्थ भारत की राष्ट्रीय सह संयोजिका ,बिहार, झारखंड, वेस्ट बंगाल,प्रभारि एवं कायस्थ महासभा की प्रदेश महामंत्री माया श्रीवास्तव ने केंद्र सरकार से की मांग दरभंगा राज की आखरी महारानी काम सुन्दरी देवी को जीते जी तो भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया गया लेकिन अब मरणोपरांत उन्हें भारत रत्न सम्मान मिलाना चाहिए महाराजा अधिराज कामेश्वर सिंह प्रसाद जी की अंतिम और तीसरी पत्नी थी काम सुंदरी देवी साहिबा जी जो शिक्षा परोपकार और सादगी के लिए भी जानी जाती थीं ये वो महारानी थीं जो 1962 में जब भारत -चीन में युद्ध हुआ था तब भारत आर्थिक स्थिति से जुझ रही थी तब ये ही रानी ने अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया था 600 किलो सोना के साथ 90 एकर ज़मीन और कितना करोड़ों रुपए,अपना तीन निजी विमानों के साथ अपना हवाई अड्डा,( दरभंगा) ताकि राष्ट्र रक्षा मे मदद मिल सके, दान दे कर भारत वर्ष की गरिमा को बचायें रखी l ये रानी काम सुन्दरी देवी के देश भक्ती के प्रतीक हैं
अपना महत्वपूर्ण सर्वत्र दान की l

संघर्ष…महाराज के निधन के बाद उन्हें सम्पत्ति और ट्रस्ट से जुड़े कानूनी विवादों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने गरिमा बनाये रखी l

संक्षेप में मै कहना चाहूँगी काम सुन्दरी देवी सिर्फ महारानी नही ब्लकि मिथिला की संस्कृति, शिक्षा, और राष्ट्र सेवा की प्रतीक थी जिनका जीवन उदारता और कर्तव्यनिष्ठा से भरा था l
मधुबनी जिला अध्यक्ष साधना अरुण कारण ने कहा कि मैं 2020 रानी काम सुन्दरी देवी से मिलने गई और वहां से लौटाने के बाद श्रीमती माया श्रीवास्तव को सारी जानकारी दी थी.
प्रदेश अध्यक्ष पुष्पा पाठक दरभंगा ताकि जिला अध्यक्ष मधुबनी जिला अध्यक्ष साधना अरुण करान,कामिनी कारण वीना मलिक, ऋतु दास आदि निरु सिंह सरिता, सिंह इत्यादि ने कहा महारानी ने
कितना बना हुआ स्कूलों कॉलेजों के साथ-साथ कॉलेज हॉस्पिटल अन्य क्षेत्रों के लिए जमीन दान दी थी कल्याणी फाउंडेशन के लिए जमीन दान देकर भारत वर्ष की शान को बचायें रखी आज जब महारानी साहिबा इस दुनियां को छोड़कर चली गई तब उनको ना तो कोई मंत्री और नाही बिहार के मुख्यमंत्री, और नहीं प्रधानमंत्री और नाही कोई बड़ी सैलिब्रिटी कोई उनको श्रद्धांजलि तक नहीं दिया और ना ही उनको राजकिये सम्मान मिला क्या वो राजकिये सम्मान की हकदार नही थीं जो उनको नही मिला क्या वो भारत रत्न की हकदार नही थीं जो उनको नही मिला नाचने गाने वाले को राजकिये सम्मान मिलता है भारत रत्न मिलता है महारानी अधिरानी कामसुंदरी देवी साहिबा जी को क्यों नहीं मिला अब कोई बिहार में 25 साल में विधायक बनी तो लोग बोले कम ऐज में विधायक बनी है महारानी अधिरानी कामसुंदरी देवी साहिबा जी 10 की उम्र में महामहिम बन गई थी .उन्हें तोपों की भी सलामी नही दि गई मेरे कायस्थ समाज में चित्रांश परिवार हैं जो वो भी चुप हैं हाथ पर हाथ रख कर बैठे हैं अपनों के लिए भी आवाज नही उठाते हैं कैसे हैं ये लोग भारत के साथ साथ ये लोग भी भुल गए महारानी अधिरानी कामसुंदरी देवी साहिबा जी का किया उपकार ,वो पुरे विश्व में सबसे ज्यादा बड़ी रियासत की महरानी थी महारानी अधिरानी जी का किया हुआ कितना उपकार है की हम शब्दों में नही लिख सकते हैं हमको लग रहा था कि वो मां हैं आज वो भी मां चली गई इस दुनियां से रानी मां थीं महारानी अधिरानी कामसुंदरी देवी साहिबा जी को शत शत नमन 🙏🙏