मनुस्मृति दहन दिवस पर सेमिनार का हुआ आयोजन
खगौल। 25 दिसंबर को संयुक्त अंबेडकर मोर्चा के बैनर तले मनुस्मृति दहन दिवस के मौके पर बाबा साहेब अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा नेता सौरव पासवान ने की। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में इंजीनियर जयप्रकाश पासवान,नागेन्द्र पासवान विकल मौजूद थे। मौके पर परिसंघ अध्यक्ष प्रोफेसर शशिकांत प्रसाद ने कहा कि बाबा साहेब ने बहुत सारे किताबों पर शोध करने के बाद 25 दिसम्बर 1927 को काला कानून मनुस्मृति को जलाकर विरोध जताया था कि जो किताब इंसान को इंसान नहीं मानता हो,किसी को उच्च किसी को नीच बताता है,उसको नहीं मानेंगे और जलाकर विरोध किया।
आयोजनकर्ता युवा नेता सौरव पासवान ने कहा कि आज संविधान के साथ छेड़छाड़ की कोशिश हो रही है अगर हम सभी जागरूक नहीं होंगे तो वह दिन दूर नहीं जब मनुवादी सोच के लोग मनुवाद के हिसाब से देश को चलाने का प्रयास करेंगे।
इस मौके पर चौहरमल मोर्चा अध्यक्ष शिव कुमार मांझी जी,मालीकार सभा अध्यक्ष मुन्ना मालाकार जी,महिला नेत्री अनीता कुमारी, जेएनयू विश्वविद्यालय शोधकर्ता ज्ञान प्रकाश जी, सुखदेव रजक,कार्यक्रम संयोजक मोहन पासवान, लक्ष्मी पासवान,पूर्व पार्षद शत्रुघ्न यादव, वरिष्ठ पत्रकार प्रसिद्ध यादव, अधिवक्ता नवाब आलम, पत्रकार आदम परवेज,रॉकी लाल चौधरी, राज बहादुर चौधरी, रामबालक जी, विकास सैनी, रंधीर पासवान, किशोर पासवान, सहित बड़ी संख्या में अन्य लोग मौजूद थे।
अंत में महिला नेत्री अनीता कुमारी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग के लिए सभी अंबेडकरवादी साथियों को धन्यवाद देते हुए सभी के प्रति आभार प्रकट किया।
