क्राइस्ट चर्च डायोसेसन स्कूल, खगौल में क्रिसमस का उत्सव
छात्रों द्वारा प्रभु यीशु के जन्म की मनमोहक झांकी दिखाई गई
क्रिसमस का वास्तविक अर्थ है एक-दूसरे से प्रेम और बड़ों सम्मान करना व जरूरतमंद लोगों की सहायता करना
खगौल। क्राइस्ट चर्च डायोसेसन स्कूल, खगौल में मेरी क्रिसमस का उत्सव, हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों ने उत्साह, उमंग और खुशी के साथ भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत गीत “वंदना करते हैं हम” और स्वागत नृत्य “क्या फूल चढ़ाऊं मैं प्रभु को” से हुई। इसके बाद जूनियर छात्रों ने “आई एम द हैप्पीएस्ट क्रिसमस ट्री” गाने पर एक्शन प्रदर्शन किया। स्कूल की कॉयर मंडली ने “देखा चमका एक तारा” और “हार्क द हेराल्ड” जैसे क्रिसमस कैरल्स गाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
छात्रों ने “फेलिज नवीदाद” गाने पर शानदार नृत्य प्रस्तुत किया। दर्शकों का उत्साह तब चरम पर पहुंच गया जब सांता क्लॉज ने मंच पर “वी विश यू ए मेरी क्रिसमस” गाने पर छात्रों के साथ प्रवेश किया और प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छात्रों द्वारा प्रस्तुत नैटिविटी प्ले रहा, जिसमें प्रभु यीशु के जन्म की सुंदर झांकी दिखाई गई।अपने संविधान में स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ० पवन अग्रवाल ने क्रिसमस का असली महत्व समझाते हुए कहा, “क्रिसमस मनाने का वास्तविक अर्थ है एक-दूसरे से प्रेम करना, बड़ों, माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान करना, खुशी और प्रेम बांटना और जरूरतमंद लोगों की सहायता करना।” उन्होंने छात्रों को त्योहारों के साथ अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने की भी सलाह दी।
विद्यालय की सचिव सुश्री सुनंदा अग्रवाल ने सभी अतिथियों, छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को क्रिसमस और नए साल की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार व यूथ हॉस्टल्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया,बिहार के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री सुधीर मधुकर ने अपनी उपस्थिति से समारोह की शोभा बढ़ाई। शिक्षकों में विशेष रूप से शिवांगी, काजोल, सुरेश और रवि ने आयोजन को सफल बनाने में सराहनीय योगदान दिया।
