लोकगायिका रानी सिंह के गीतों से गुलजार रही सोनपुर मेला की शाम
सोनपुर। सोनपुर मेला के पर्यटन मंच पर कला संस्कृति एवं युवा विभाग की तरफ से की तरफ से मशहूर लोक गायिका रानी सिंह के लोकगीत से सारा माहौल प्रफुल्लित हो उठा। बिहार की नालंदा जिला ढोटुचक की बेटी आज पूरे देश भर में अपने गीतों से बिहार का नाम रोशन कर रही है। बिहार एवं देश भर के विभिन्न मंचों पर अपने गायन की प्रस्तुति करते हुए रानी ने सर्वप्रथम अपने गांव की मिट्टी का रंग बिखेरते हुए श्रद्धांजलि स्वरुप मां शारदा सिन्हा जी को समर्पित करते हुए बाबा भोले की नगरी सोनपुर में गीत प्रस्तुत किया *जनक किशोरी भेलथिन हमरी बहिनिया हे मिथला के नाते (मैथली गीत ),उसके बाद पारंपरिक *गीतों के दौर में ” *सोनपुर के मेलवा पियवा हेराईल (भोजपुरी गीत)* “गाकर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया । इस गीतों के उपरांत बिरहा का एक रूप जब पति-पत्नी को छोड़कर प्रदेश कमाने जा रहा है तो पति को रोकने के लिए पत्नी यह गीत गाती है ” लड़कैयां नादान ना जा बलम परदेशवा (भोजपुरी गीत )” पूरे माहौल को गुंजायमान कर दिया। उसके बाद रानी ने एक से बढ़कर एक लोकगीत गाकर भोजपुरी का अलख जागते हुए “” पिपरा के पतवा फुलुंगिया डोले है ननदी(मगही गीत ) महेंद्र मिश्र द्वारा रचित”” अंगुली में डसले बिया नगिनिया हो सजन राजधानी पकड़ के आजईह गीत गाकर पूरे वातावरण को मनमोहित बना दिया । इनके साथ संगत कलाकार बिहार के मशहूर नाल वादक अर्जुन चौधरी जी थे वहीं हारमोनियम पर सिंथेसाइजर पर राजन बैंजो पर रविंदर कुमार पैड पर सुरेश कुमार थे।
